
ओबामा का जलवा
लोग कहते हैं की अमेरिका के राष्ट्रपति के चुनाव में हमे भी वोट डालने का अधिकार मिलना चाहिए। हम हिन्दुस्तानियों को। हमे ही नही, सारी दुनिया के सारे देशों के सारे वयस्क वोटरों को। क्योंकि अधिकांश अमेरिकी वोटर तो वोट डालते नहीं हैं। १०० में से सिर्फ़ ४२-४४ अमेरीकी जनता के वोटों से वहां का राष्ट्रपति चुना जाता हैं। लेकिन वह सारी दुनिया के लिए मुसीबत पैदा करता हैं। कई देशों की सरकारें उसीकी उंगली के इशारे पर चलती हैं । हमारी प्रगतिशील या राष्ट्रवादी सरकारें भी वैसी ही हैं। दुनिया में विकास और विनाश उसी राष्ट्रपति की सनक और सोच पर निर्भर हैं।
इसबार हिलेरी क्लिंटन और ओबामा के बीच डेमोक्रेटिक उम्मीदवार चुने जाने की जंग जारी हैं। अफ़सोस अभी तक हमे इसमे वोट देने का हक़ हासिल नहीं हैं। ओबामा को व्यापक पापुलारिती मिल रही हैं- अश्वेतो, अल्पसंख्यको, एशियाइयो और अहिंसावादी युद्धविरोधी नौजवानों के बीच। जब की हिलेरी क्लिंटन चाहती हैं की रंग, नस्ल, अमीरी-गरीबी सबक कुछ भुलाकर सारी महिलाए महिला होने के नाते उन्ही को वोट दे। (फेमिनिस्ट हैं ना...'अमेरिकी ब्रांड वाली, जो हमारी भी जानी-पहचानी हैं)
बहरहाल ओबामा बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं अमेरिकी भारतीयों के बीच।ज़रा उनके नाम को क्लिक करिये और उनका जलवा ख़ुद देखिये -ओबामा
Wednesday, February 27, 2008
ओबामा का हंगामा
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The department of Indian theatre is ready with its annual production and this time it is history vis-à-vis modern times. The play titled
2 comments:
U.S. elections: Barack Obama, the “best face” for U.S. imperialism?
http://parisar.wordpress.com/2008/03/15/us-elections-barack-obama-the-%e2%80%9cbest-face%e2%80%9d-for-us-imperialism/
I won't disagree much..however, Karim Bhai, the legendary book seller at Nehru Place, who sells old books in throwaway prices says similar things about Noam Chomsky 'Liberal and brilliant face of US Imperialism for petty-bourgeois and middle class seminarists of the second and third world'
(Asian economic giant India, along with its left is 'second world' many perceive, unlike Cuba and Venezuela.)
Right? No?
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