

संभाजी भगत के बारे में बहुत सी जानकारियां लोगों ने माँगी है |इसी तरह अमरावती के अम्बेडकरी साहित्य साँस्कृतिक सम्मेलन के बारे में भी | वह मैं ज़ल्द ही पेश करूंगा| कल कई दोस्तों ने 'मोहन दास' फ़िल्म के स्विट्ज़रलैंड के अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म समारोह में सम्मिलित होने की ख़बर भेजी| पहली सूचना संजय पुंज ने दी, जो 'मोहन दास' पर आकाशवाणी के लिए २६ कड़ियों का आडियो सीरियल बना रहे है| इसके बाद विश्र्वदीपक ने फोन किया, जो न्यूज़ २४ में काम करते है| फ़िर तो एक के बाद एक कई फोन आए| हाँ हमेशा की तरह इस फ़िल्म के प्रोड्यूसर उत्तर प्रदेश के परिवहन अधिकारी सोनकिया और निर्देशक-कैमरामैन मज़हर की ओर से कोई सूचना नहीं आई | मुझे खुशी हैं कि बड़ी संख्या में युवाओं की निगाहें 'मोहन दास' पर लगी है |टाइम्स आफ इंडिया में भी ख़बर है कि १३ देशों से चुनी गयी ११ फिल्मों में से एक 'मोहन दास' भी है| 'मोहन दास' को लेकर थोड़ी सी उम्मीद इसलिए बांधी जा सकती है कि फ्रीबुर्ग फ़िल्म समारोह की ज्यूरी के ५ सदस्यों में से एक भारत के महान फिल्मकार अदूर गोपालकृष्णन भी है | अन्य सदस्यों में फ्रांस के निकोला फ्लाबेयर,स्विट्ज़र लैंड के ओलिवर पौलुस, पेरू के नोरमा रिवेरा वाल्दीविया और आर्जेंटीना की अभिनेत्री-फ़िल्म प्रोड्यूसर मार्टीना गुसमान है| हो सकता है 'मोहन दास' को वहाँ कोई पुरस्कार भी मिले क्योंकि अदूर गोपालकृष्णन आपके इस लेखक को भी अच्छी तरह से जानते है | कुछ साल पहले उन्हों ने मलयालम के सुप्रसिद्ध कथाकार पाल ज़कारिया की कहानी पर 'विधेयन' जैसी चर्चित फ़िल्म बनायी थी। पाल ज़कारिया मेरे बहुत अच्छे मित्र है और हम लोगों ने 'ताना-बाना' के दिनों में लगभग दो साल साथ बिताये है | बेहद सक्रिय, ऊर्जा और श्रम से भरे संघर्षशील दिन और रातें....| तिरुअनन्तपुरम जाता हूँ तो उनके साथ आज भी शाम गुज़रती है...| आपको जान कर खुशी भी होगी कि कन्नड़, तेलुगु, उड़िया, मराठी के बाद 'मोहन दास' मलयालम में भी अनूदित हो रही है| इसी साल प्रकाशित होगी|
थोड़ी सी मोहलत पाते ही मैं 'मोहन दास' के बारे में कुछ बहुत ही रोचक बातें बताउंगा | बस ज़रा सी प्रतीक्षा और |



The department of Indian theatre is ready with its annual production and this time it is history vis-à-vis modern times. The play titled